Roads of Nepal

नेपाल में सड़के या तो खराब हैं या बहुत अच्छी हैं।मेरा मानना है कि नेपाल के हाइवे भारत से बेहतर हैं जो भी है या तो खराब है अगर हाइवे है तो गड्ढे नही है जैसे अचानक गड्ढे यहां भारत के हाईवे में मिलते हैं।मैं नेपाल की खराब सड़को पर ही मोटरसाईकल चलाने गया था क्योंकि वह ज्यादा चुनोतिपूर्ण है।बेहतर सड़को पर तो कोई भी चल सकता है।जब मुझे पता चला कि जिला mustang जिला में सड़क कुछ बेहतर हो गयी तो वहां जाने का मेरा आधा आकर्षण ही खत्म हो गया।हम जैसे 1,2 बार जाने वालों के लिए ये खराब सड़के आकर्षण हैं लेकिन वहां के निवासियों के दुःस्वप्न।लेकिन इन दूरस्थ पहाड़ी इलाको को सड़क से जोड़ना भी बहुत मुश्किल एवम खर्चीला है नेपाल जैसे संसाधन में कमजोर राष्ट्र के लिए।पहले कई कई दिन लोग पैदल चलके अपने गांव पहुंचते थे।भारत मे भी कुछ गांब ऐसे हैं।नेपाल के कुल 77 जिलों में अभी 2 जिले ऐसे बचे हैं जहां 1 किलोमीटर भी मोटरेबल सड़क नही है।भारत के लेह ,स्पीति ,पांगी घाटी के रुट कुछ नहीं इनके सामने ,उन पर बच्चे भी गाडी चला सकते हैं ,.जिसे अपनी ड्रायविंग स्किल या राइडिंग स्किल को टेस्ट करना हो मुगु, मनाग या mustang जाए अपनी गाड़ी लेकर ।असली टेस्टिंग होगी।रारा के रास्ते मे मैं जंगल मे 1 घन्टे तक चलता रहा एक भी इंसान मिला ना जानवर,ऊपर से अंधेरा हो गया। रारा वाला सफर अभी तक का सबसे दिमाग खराब कर देना वाला सफर था।एक- डेढ़ फ़ीट टेलकम पावडर जैसी मिट्टी में 100 सीसी की प्लेटिना खींचना टॉर्चर हो गया था।मनाग वाला रास्ता सबसे मुश्किल जरूर है लेकिन अकेलापन नही महसूस होता क्योंकि यहां बहुत ट्रेकर आते हैं।नेपाल घूमने के लिए अभी भी बहुत गजब जगह है।यहां की हिल स्टेशनों पर भारतीय स्टेशन वाली भीड़ नही।होटल बेहतर एवम सस्ते हैं।प्रोफेशनलिज्म ज्यादा है।सेवा बढ़िया है।





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